
महुली/दुद्धी सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
चैत्र नवरात्र के शुभारंभ पर महुली गांव स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला। श्री जय बजरंग अखाड़ा समिति के तत्वावधान में सायं 7:00 बजे विधि-विधान के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना कर बजरंग ध्वज की स्थापना की गई।
इस पावन अनुष्ठान को राजकुमार शर्मा जी ने निर्जल व्रत रखकर पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न कराया। जैसे ही ध्वज स्थापित हुआ, पूरा वातावरण “जय माता दी” के जयघोष से गूंज उठा और मंदिर प्रांगण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां केवल पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक कला का भी जीवंत प्रदर्शन हुआ। अखाड़ा समिति के कलाकारों द्वारा लाठी-डंडे के रोमांचक खेल का प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रदर्शन ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उन्हें सीखने के लिए भी प्रेरित किया।
गांव के हर वर्ग और समुदाय के लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की सशक्त मिसाल बनकर उभरा। हर चेहरे पर भक्ति का भाव और उत्साह की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ, जिसकी हर किसी ने सराहना की।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष विंढमगंज वीरेंद्र चौधरी, ग्राम प्रधान महुली अरविंद कुमार जायसवाल, समिति के उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महासचिव महेंद्र प्रसाद पुरी एवं अवधेश कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष भगवान दास कनौजिया सहित प्रदीप कुमार जायसवाल, उदय कुमार शर्मा, सेकरार अहमद, पंकज गोस्वामी, विकास कुमार ‘बबलू’, मनोज कुमार कन्नौजिया, ओमप्रकाश पुरी सहित सैकड़ों ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरा गांव भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।
समिति अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा जी ने बताया कि यह धार्मिक महाआयोजन पूरे नौ दिनों तक लगातार चलेगा। नवमी के दिन भव्य बजरंग ध्वज यात्रा निकाली जाएगी, जो पूरे गांव का भ्रमण करते हुए महुली खेल मैदान में विशाल कार्यक्रम के साथ संपन्न होगी।
नवरात्र का यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्ति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक संदेश दे रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा।

